Chintpurni Mata Chalisa Lyrics in Hindi: माँ की कृपा से होंगे आपके सभी कार्य पूर्ण
माता चिंतपूर्णी को छिन्नमस्तिका के नाम से भी जाना जाता है यदि आप चालीस की हर रोज सुबह शाम मन से पाठ करते हैं तो आपके परिवार में सुख समृद्धि की प्राप्ति और मन में शांति मिलती है | यदि आप अपने व्यवसाय को लेकर चिंतित रहते हैं तो इस पाठ को करने से आपकी सभी चिंता दूर हो जाती है और माँ का आशीर्वाद प्राप्त होता है | यदि माँ की चालीसा आपने फोन या फिर कंप्यूटर पढ़ने के लिए नीचे दी गई pdf डाउनलोड कर सकते हैं |
चिंतपूर्णी चालीसा हिंदी में
चित में वसो चिंतपूर्णी,
छिन्नमस्तिका माता |
सात बहन की लाड़ली,
हो जग में विख्यात |
माईदास पर की कृपा,
रूप में दिखाया गया श्याम |
सब की हो वरदायनी,
शक्ति तुमे प्रणाम |
छिन्नमस्तिका माता भवानी,
कलिकाल में शुभ कलियानी |
सती ने आपको अंशदान दिया है,
चिंतपूर्णी नाम दिया गया है |
चरणों की है लीला नईरी,
चरणों को हर नर नारी |
देवी देवता नतमस्तक ,
चैन नहीं मिलेंगे भजे न जब तक |
शांत रूप सदा मुस्काता ,
जिसे देख आनंद आता है |
एक और कलेश्वर सजे ,
दूसरी और शिववाड़ी विराजे |
तीसरा और नारायण देव ,
चौथा और मुचकुंड महादेव |
लक्ष्मी नारायण संग विराजे ,
दस अवतार उन्ही में साजे |
तीनो दुवार भवन के अंदर,
बैठे हुए ब्रह्मा ,विष्णु ब शंकर |
काली, लक्ष्मी सरस्वती मां,
सत ,रज ,तम से व्याप्त हुई मां |
हनुमान वारियर्स बलकारी ,
मार रहे भैरव किलकारी |
चौंसठ योगिनी मंगल गावे ,
मृदंग छैने महंत वजावे |
भवन के नीचे बाबड़ी सूंदर ,
जिनमें जल बहता है झर झर |
संत आरती करे तुम्हारी,
तुमेः पूजते है नर नारी |
पास है जिसके बाग निराले ,
जहाँ है पुष्पों की बनमाला है
कंठ आपकी मातृभूमि विराजे ,
सुहा सुहा चोला अंग साजे |
सिंह यहां आते हैं ,
छिन्नमस्तिका ग्लास नबाता |
आपके निकट है गुरुद्वारा ,
जो है गुरु गोबिंग का असमंजस |
रणजीत सिंह महाराज बनाया ,
तुम सोने का छत्र चढ़ाया |
भ तुम्ही से पाया भक्ति ,
पटियाला मंदिर बनबाया |
माईदास पर कृपा करके ,
आई होशिअरपुर विचर के |
अठूर क्षेत्र मुगलो नेह घोर अपमान ,
पिता माईदास ने टेरा|
अम्ब सहेत्र के पास में आयें,
दोह बेटे कृपा से प्राप्त करें |
वंश माये नेह फिर पुजवाय ,
माईदास को भक्त बनबाया |
सोहोम उसे अपनाता है ,
कार्य करता है जो हर्षाया |
तीन आरती है मंगलमह ,
प्रात: मद्य और संद्यमय |
असोज चैत्र मेला लगता है ,
पर सावन में आनंदभरता |
पान ध्वजा – नारियल चढ़ाऊँ,
हलवा , चन्ना का भोगऊं |
छनन और चुन्नी ग्लास चढ़ा ऊँ,
माला लेकर हाय ध्याऊँ |
मेरी माँ विपद ने घोर निंदा ,
जय माँ जय माँ आसरा तेरा |
ज्वाला से तुम तेज हो पति,
नगरकोट की शिवी है |
नयना देवी आपको देखकर,
मुस्काती है मैया तुम पर |
अभिलाषा मां पूर्ण कर दो,
हे चिंतपूर्णी मां झोली भर दो |
ममता वाली पलक दिखाओ ,
काम, क्रोध, मद, लोभ हटा दो |
सुख दुःख तो जीवन में आओ ,
दया से दुःख मिट जाता है |
चिंतपूर्णी चिंता हरनी ,
भय के उपाय हो तुम भय हरनी |
हर बाधा को आप ही टालो,
इस लड़के को आप संभालो|
शुक्र मिले ज,
सुख की कलियाँ खिले तब |
कहा तक तुम्हरी ग्लोरी गाऊं,
दुवार खड़ा हो विनय सुनाऊ |
चिंतपूर्णी मां मुझे अपनाओ ,
“सतीश” को भव परो |
दोहा
चरण आपके छू रहा हूं , चिंतपूर्णी माता |
लीला अपंपार हे, हो जग में विख्यात ||
माँ चिंतपूर्णी चालीसा हिंदी में Pdf
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